1 November 2020

झारखंड के प्रवासी मजदूरों को हवाई जहाज से लाने का सिलसिला रहेगा जारी झारखंड हेमंत सरकार उठा रही है पूरा खर्च कल दूसरी हवाई जहाज भी पहुंचेगी रांची देखें पूरी रिपोर्ट

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अच्छी खबर : हवाई चप्पल वाले मजदूरों को हवाई जहाज से लाने का सिलसिला जारी, कल लेह से हवाई जहाज के जरिये रांची आएंगे झारखंडी मजदूर, पूरा खर्च उठा रही हेमंत सरकार :

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हवाई चप्पल पहनने वाले गरीब मजदूरों को हवाई जहाज से लाने का अपना संकल्प पूरा करते हुए इसकी शुरुआत कर दी है. आज नेशनल लॉ स्कूल के पूर्व छात्रों और झारखंड सरकार के संयुक्त प्रयास से जहां 174 झारखंडी मजदूरों को विमान के जरिये मुंबई से रांची लाया गया. तो वही शुक्रवार से राज्य की हेमंत सरकार गरीब मजदूरों को सुदूरवर्ती राज्यों जैसे लेह, लद्दाख, अंडमान निकोबार और उत्तर पूर्व के राज्यों से वापस लाने का महाअभियान शुरू करने जा रही है. इस अभियान के दौरान मजदूरों को विमान के जरिये लाने, उनके खाने पीने और सम्मानजनक परिवहन के जरिये मजदूरों को उनके घरो तक पहुंचाने तक की पूरी व्यवस्था राज्य सरकार की ओर से की जाएगी. इसका पूरा खर्च राज्य सरकार उठा रही है. शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पहल पर लेह से 65 से अधिक मजदूरों को एयर इंडिया के विशेष विमान के जरिये एयरलिफ्ट कर रांची लाया जायेगा. ये मजदुर लेह से पहले स्पाइस जेट के विमान के जरिये दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचेंगे और वहां से एयर इंडिया के विमान के जरिये रांची एयरपोर्ट पहुंचेंगे. खबर है कि इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद मजदूरों का स्वागत करने के लिए रांची एयरपोर्ट में मौजूद रहेंगे. इसके अलावा हेमंत सरकार अंडमान निकोबार, लद्दाख, उत्तर पूर्व के राज्य जैसे सिक्किम, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश समेत अन्य सुदूरवर्ती राज्यों से झारखंडी मजदूरों को एयरलिफ्ट कर लाने के लिए दर्जनों हवाई जहाजों को एनओसी देने की प्रक्रिया पूरी कर रही है.

आज मुंबई से रांची लाये गए मजदूर, सीएम ने नेशनल लॉ स्कूल के पूर्व छात्रों का जताया आभार :

इससे पहले आज देश का पहला श्रमिक स्पेशल विमान मुंबई से रांची पहुंचा. इस विमान को राज्य सरकार की ओर से एनओसी प्रदान की गयी थी. इसके अलावा विमान में मजदूरों को रांची भेजने का खर्च एल्युमिनाई नेटवर्क ऑफ़ नेशनल लॉ स्कूल, बेंगलुरु के झारखंडी छात्रों के द्वारा उठाया गया था. एल्युमिनाई नेटवर्क ऑफ़ नेशनल लॉ स्कूल के छात्रों ने इस दौरान राज्य की हेमंत सरकार की जमकर प्रशंसा की और आभार भी जताया. इन छात्रों ने कहा कि उन्होंने बाकी राज्य सरकारों से भी बात की थी. मगर किसी भी राज्य सरकार ने उन्हें तरजीह नहीं दी. सभी राज्य सरकारों ने उन्हें कमतर आंका. मगर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद आगे बढ़कर उन्हें ना केवल एनओसी प्रदान की. बल्कि राज्य में मजदूरों को लाने के बाद सरकार के स्तर से मजदूरों की जांच, खान पान और सम्मानजनक परिवहन की पूरी व्यवस्था की. इन झारखंडी छात्रों ने कहा की वे झारखंडी होने पर आज गर्व महसूस कर रहे है क्योकि लॉकडाउन के दौरान देश की पहली श्रमिक स्पेशल ट्रेन भी झारखंड आयी थी. और आज देश की पहली श्रमिक हवाई जहाज भी झारखंड आयी है. इस कीर्तिमान पर उन्हें गर्व है.


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