21 January 2021

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम दिया संबोधन, जानें 10 बड़ी बातें

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देश में कोरोना वायरस का कहर फैला है वहीं दूसरी ओर लगातार भारत चीन की सीमा पर तनाव है. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 4 बजे देश के नाम संबोधन दिया. यह उनका अब तक का 13वां संबोधन रहा. कोरोना वायरस प्रसार के बाद यह उनका छठा संबोधन रहा. वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने पीएम मोदी के संबोधन के बारे में ट्वीट करते हुए कहा था इंपार्टेंट (Importent). गृह मंत्री अमित साह ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि मैं सभी से अपील करता हूं कि शाम 4 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन जरूर सुनें. आइए जानते हैं पीएम मोदी के संबोधन की दस बड़ी बातें.
बड़ी बातें

अनलॉक के साथ ही हम उस मौसम में भी प्रवेश कर रहे हैं. जिसमें सर्दी-जुकाम बुखार की समस्या होती है. इसलिए अपना ख्याल रखें

हाल ही में आपने देखा होगा कि नियमों का पालन न करने पर एक देश के प्रधानमंत्री पर जुर्माना लगा दिया गया. मैं बताना चाहता हूं कि भारत में गांव का प्रधान हो या प्रधानमंत्री. कोई भी नियमों से ऊपर नहीं है.

अगर कोरोना से होने वाली मृत्यु दर को देखें तो दुनिया के अनेक देशों की तुलना में भारत संभली हुई स्थिति में है. समय पर किए गए लॉकडाउन अन्य फैसलों ने भारत में लाखों लोगों का जीवन बचाया है. लेकिन जब से देश में अन लॉक वन हुआ है तब से लगातार लोग लापरवाही कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान देश की सर्वोच्च प्राथमिकता रही कि ऐसी स्थिति न आए कि किसी गरीब के घर में चूल्हा न जले. केंद्र सरकार हो, राज्य सरकारें हों, सिविल सोसायटी के लोग हों, सभी ने लॉकडाउन में गरीबों का पूरा सहयोग किया है.

पीएम मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत गरीबों के लिए पौने दो लाख करोड़ रुपये का पैकेज दिया गया. बीते 3 महीनों में 20 करोड़ गरीब परिवारों के जनधन खातों में सीधे 31 हजार करोड़ रुपए जमा करवाए गए. 9 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18 हजार करोड़ रुपए जमा हुए हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे यहां वर्षा ऋतु के दौरान उसके बाद मुख्य तौर पर एग्रीकल्चर सेक्टर में ही ज्यादा काम होता है. अन्य दूसरे सेक्टरों में थोड़ी सुस्ती रहती है. जुलाई से धीरे-धीरे त्योहारों का भी माहौल बनने लगता है. त्योहारों का ये समय, जरूरतें भी बढ़ाता है, खर्चे भी बढ़ाता है. इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया गया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार अब दीवाली छठ पूजा तक, यानि नवंबर महीने के आखिर तक कर दिया जाए.

इन पांच महीनों के लिए 80 करोड़ से ज्यादा भाई बहनों को 5 किलो गेहूं या 5 किलो चावल मुफ्त दिया जाएगा. साथ ही हर परिवार को हर महीने 1 किलो चना भी मुफ्त दिया जाएगा. इस योजना के विस्तार में 90 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे.

पीएम मोदी ने कहा कि अब पूरे भारत के लिए एक राशन-कार्ड की व्यवस्था भी हो रही है. यानि एक राष्ट्र-एक राशन कार्ड. इसका सबसे बड़ा लाभ उन गरीब साथियों को मिलेगा, जो रोज़गार या दूसरी आवश्यकताओं के लिए अपना गाँव छोड़कर के कहीं जाते हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि आज गरीब को, ज़रूरतमंद को, सरकार अगर मुफ्त अनाज दे पा रही है तो इसका श्रेय प्रमुख रूप से दो वर्गों को जाता है. पहला- हमारे देश के मेहनती किसान, हमारे अन्नदाता. दूसरा- हमारे देश के ईमानदार टैक्सपेयर.

हम सारे एहतियात बरतते हुए Economic Activities को आगे बढ़ाएंगे. हम आत्मनिर्भर भारत के लिए दिन-रात एक करेंगे. हम सब ‘लोकल के लिए वोकल’ होंगे. इसी संकल्प के साथ हम 130 करोड़ देशवासियों को मिलजुल कर, संकल्प के साथ काम भी करना है, आगे भी बढ़ना है.


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