कोरोना के डर से दूसरे टीके भी नहीं लग रहे 10 करोड़ बच्चों पर गहराया हेल्थ संकट

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कोरोनावायरस के चलते लगाए गए लॉकडाउन से हर गतिविधियां लगभग थम सी गई है परिजन डॉक्टरों के पास नहीं जा पा रहे हैं दुनियाभर में गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए करोड़ों बच्चों को टीके नहीं लग पा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों को डर है कि इस तरह परिजन दूसरी स्वास्थ्य समस्या का बीज बो रहे हैं टीकाकरण की दर खतरनाक रूप से घटी है इससे करोड़ों बच्चों में चेचक कुकुर खांसी और जीवन को खतरे में डालने वाली अन्य बीमारियों का खतरा पैदा हो गया है।

संक्रामक रोगों पर बनी अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स कमेटी के सदस्य डॉ सीन टी ओ लिरि के मुताबिक यदि टीकाकरण में ऐसे ही गिरावट बनी रही तो आशंका है कि कोविड-19 के साथ टीको से रोकी जाने वाली बीमारियां भी फैलने लगेगी पिछले सालों में अमेरिका में कम उम्र में लगने वाले टीको की दर काफी गिरी है पीडियाट्रिक इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड्स कंपनी द्वारा अमेरिका के 1000 क्लीनिक से जुटाई गई जानकारी के अनुसार 16 फरवरी के मुकाबले अप्रैल के पहले हफ्ते में चेचक गलगंड रोग और रूबेला के टीकाकरण में 50 परसेंट डिप्थीरिया और कुकुर खांसी के टीकों में 42 परसेंट और एचपीवी के टीकाकरण में 73% की गिरावट आई है। यही नहीं सरकार द्वारा निशुल्क लगाए जाने वाले टिको में भी मार्च की शुरुआत से ही गिरावट देखी गई मैसाचुसेट्स स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले अप्रैल के शुरुआती दो हफ्तों में टीकाकरण में 68 परसेंट गिरावट देखी गई मिनेसोटा में भी ऐसे ही हालात रहे वहां मार्च के अंत चेचक गलगंड और रूबेला के टीको में 71 परसेंट की गिरावट आई वाशिंगटन राज्य में दर्जनों क्लिनिको में अपना समय घटाना पड़ा है या अस्थाई रूप से बंद करना पड़ा है वाशिंगटन ही व राज्य है जहां पिछले साल चेचक के मामले में अचानक से वृद्धि हुई थी।

यूनिसेफ डब्ल्यूएचओ के अंतरराष्ट्रीय संगठन ने हाल ही में अपनी रिपोर्ट में बताया था कि टीकाकरण ना होना वैश्विक समस्या बन गया है 2 दर्जन से अधिक देशों में राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम रोकना पड़ा है इससे करीब 10 करोड़ बच्चे बीमारी के मुहाने पर खड़े हैं डेनवर के बाल अस्पताल में टीकाकरण विशेषज्ञ डॉक्टर ओलारी के मुताबिक चेचक और डिप्थीरिया के मामले दुनिया भर में दिख सकते हैं
सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन द अमरीकन एकेडेमी ऑफ पेडियाट्रिक्स और अमेरिकन एकेडमी ऑफ फैमिली फिजिशियन ने डॉक्टरों से अपील की है कि वे बच्चों का टीकाकरण शेड्यूल बनाए रखें और फैमिली सभी परिवारों को रिमाइंडर भेज रहा है कि वे अपने बच्चों का टीकाकरण ना टाले।

 

डोज छूटने पर प्रतिरोधक क्षमता घटने लगती है कई डॉक्टरों का मानना है कि टीको से रोकी जा सकने वाली बीमारियां बच्चों के लिए कोविड-19 के मुकाबले अधिक घातक साबित हो सकती है ऐसे में अमेरिका के कई इलाके में वैक्सीन मोबाइल यूनिट भेजी जा रही है अस्पताल के बाहर भी ऐसी ही यूनिट खड़ी की गई है डॉक्टरों की सबसे बड़ी चिंता चार-पांच साल के बच्चों को लगने वाले चेचक गलगंड और रूबेला और 11 साल के बच्चों को टिटनेस और कुकुर खांसी से लगने वाले बूस्टर डोज छुटने की है डोज छुटने पर प्रतिरोधक क्षमता घटने लगती है


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1 thought on “कोरोना के डर से दूसरे टीके भी नहीं लग रहे 10 करोड़ बच्चों पर गहराया हेल्थ संकट

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